जिला प्रशासन ने विधवा महिला को दी मानवीय सहायता, ऋण राहत और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित
देहरादून : जिले की जिलाधिकारी, सविन बंसल, की पहल पर जिला प्रशासन ने एक विधवा महिला शांति राणा को उनके कठिन समय में महत्वपूर्ण सहारा प्रदान किया है। शांति राणा के पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद वह गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही थीं, जिनकी तीन छोटी बच्चियां और एक गंभीर बैंक ऋण उनके कंधों पर था। जिला प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण से उनकी सहायता की और उनकी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया।
शांति राणा ने नवंबर महीने में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष अपनी कठिन परिस्थितियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पति, मनबहादुर, ने अपने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा खरीदने के लिए 3.72 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया था, लेकिन दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला शेष नहीं रहा और शांति राणा अपनी तीनों बेटियों की देखभाल करने के साथ-साथ ऋण की किश्तें भी चुकाने में असमर्थ हो गईं।
जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए उप जिलाधिकारी (न्याय) को प्रकरण की जांच का आदेश दिया। परिणामस्वरूप, सीएसआर फंड से शांति राणा को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस धनराशि से उनका बैंक ऋण पूरी तरह से चुका दिया गया, जिससे उनका वित्तीय बोझ समाप्त हो गया।इसके अलावा, शांति राणा की बेटी अंशिका की शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कक्षा 12वीं तक की फीस के लिए 1.62 लाख रुपये की राशि एकमुश्त स्कूल के खाते में जमा कराई गई है। इससे न केवल अंशिका की पढ़ाई को बाधित होने से बचाया गया, बल्कि पूरे परिवार को एक स्थिर और संजीवनीय सहायता मिली है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने आगे शांति राणा के रोजगार के अवसरों को भी सुनिश्चित करने के लिए पहल की है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा, ताकि परिवार को भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन प्राप्त हो सकें। इसके साथ ही, शांति राणा और उनके परिवार को अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने यह स्पष्ट किया कि इस प्रकार के संवेदनशील मामलों में जिला प्रशासन हमेशा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा और उन्हें संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शांति राणा और उनके परिवार को तात्कालिक राहत के साथ-साथ भविष्य के लिए स्थिर साधन उपलब्ध कराए जाएं।
जिला प्रशासन द्वारा की गई यह पहल न केवल एक उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन मानवीय दृष्टिकोण से अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।
