अखिल भारतीय एथलेटिक्स में डीवीसी की एथलीट ने बढ़ाया मान
मेघालय / शिलांग : अखिल भारतीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में डीवीसी (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) का प्रतिनिधित्व कर रहीं एथलीट प्राणमिता चंद्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने महिला वर्ग में 800 मीटर और 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक, जबकि 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही अपने समग्र प्रदर्शन के दम पर उन्होंने महिला वर्ग में फर्स्ट रनर-अप का खिताब भी अपने नाम किया।
प्रतियोगिता के दौरान प्राणमिता ने न केवल शारीरिक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मबल की भी अद्भुत मिसाल पेश की। प्रतियोगिता के बीच ही उनके पिता का आकस्मिक निधन हो गया, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन और भावनात्मक रूप से तोड़ देने वाला क्षण होता है। बावजूद इसके, प्राणमिता ने अपने दुख को अपने हौसले पर हावी नहीं होने दिया और असाधारण साहस का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को पूरा किया।
उनकी यह उपलब्धि केवल पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कहानी संघर्ष, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की है। पिता के निधन जैसे गहरे व्यक्तिगत शोक के बीच भी मैदान में उतरकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना यह दर्शाता है कि प्राणमिता न केवल एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, बल्कि एक मजबूत व्यक्तित्व की धनी भी हैं।प्राणमिता चंद्रा की इस ऐतिहासिक सफलता पर डीवीसी प्रबंधन, खेल जगत और उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने उनके साहस, अनुशासन और जज्बे की जमकर सराहना की है। यह प्रदर्शन आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और यह संदेश देगा कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि संकल्प मजबूत हो, तो सफलता जरूर कदम चूमती है।
प्राणमिता की यह स्वर्णिम दौड़ न केवल उनके करियर का अहम पड़ाव है, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी गर्व का क्षण है।
