वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर
देहरादून : उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य के सभी विभागों को आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि वित्तीय वर्ष के अंत तक किसी भी परियोजना का बजट लैप्स नहीं होना चाहिए और खर्च की गति में तेजी लाई जाए।मुख्य सचिव ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान विभागवार बजट व्यय की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई विभागों में अभी भी स्वीकृत धनराशि का पूरा उपयोग नहीं हो पाया है, जिस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जारी धनराशि का समय पर और प्रभावी उपयोग होना बेहद जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके।
आनंद बर्द्धन ने कहा कि सभी विभाग नियमित रूप से अपने व्यय की मॉनिटरिंग करें और जहां भी अड़चनें आ रही हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने परियोजनाओं में अनावश्यक देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।मुख्य सचिव ने विशेष रूप से अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और पारदर्शिता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनहित से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करना है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करें।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
