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ऋषिकेश: नगर निगम ऋषिकेश ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने एक अवैध दो मंजिला भवन को ध्वस्त कर दिया। करीब 10 वर्ष पुराने इस निर्माण को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। भवन मुख्य मार्ग पर बाधा बना हुआ था, जिसके कारण क्षेत्र में अक्सर यातायात जाम की स्थिति बनी रहती थी।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवन सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के बनाया गया था। नियमों के तहत भवन स्वामी को पूर्व में नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई न होने पर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की सहायता से दो मंजिला निर्माण को गिराया गया। सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से खाली कराया गया था। अभियान के दौरान नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध निर्माण के कारण सड़क संकरी हो गई थी और बड़े वाहनों के गुजरने में दिक्कत आती थी। विशेषकर चारधाम यात्रा के दौरान यातायात का दबाव बढ़ने से यहां घंटों जाम लगता था। भवन हटने के बाद अब क्षेत्र में एक वैकल्पिक मार्ग खुल गया है, जिससे चंद्रेश्वर नगर और आसपास के इलाकों के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां-जहां शिकायतें मिलेंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और चारधाम यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी निगम की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे अवैध निर्माणों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।

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