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मसूरी: मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में वर्ष 2026 की पहली जोरदार बर्फबारी और बारिश ने पहाड़ों की फिज़ा ही बदल दी। सुबह से शुरू हुई बर्फबारी ने मसूरी को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज से आए पर्यटकों के चेहरों पर भी खुशी साफ नजर आई। लंबे इंतजार के बाद हुई इस बर्फबारी को सर्दियों के मौसम का खास तोहफा माना जा रहा है।

बर्फबारी की खबर मिलते ही पर्यटकों की आमद अचानक बढ़ गई। शनिवार को मसूरी आने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। देहरादून-मसूरी हाईवे पर कई जगह जाम की स्थिति बनी रही, जिससे यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। इसके बावजूद पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों—मॉल रोड, कंपनी गार्डन, गन हिल और कैम्पटी फॉल क्षेत्र—में भारी भीड़ देखने को मिली।

तापमान शून्य से नीचे चले जाने के बावजूद पर्यटक ठंड को नजरअंदाज कर बर्फ का आनंद लेते दिखे। बच्चे और युवा बर्फ के गोले बनाते, स्नोमैन तैयार करते और तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। कई पर्यटकों ने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया। होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे लगभग फुल रहे, जिससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे।मसूरी के साथ-साथ यमुना और अगलाड़ घाटियों में हुई अच्छी बारिश से किसानों और काश्तकारों को भी बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से सूखे की आशंका झेल रहे खेतों के लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही है। काश्तकारों का कहना है कि इस बारिश से रबी की फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है।

स्थानीय प्रशासन ने बढ़ती भीड़ और यातायात को देखते हुए सतर्कता बरती है। पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रमुख मार्गों पर तैनात रहीं और यात्रियों से सुरक्षित ड्राइविंग की अपील की गई। बर्फबारी के कारण कुछ स्थानों पर फिसलन बढ़ने से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, 2026 की पहली बर्फबारी ने मसूरी को एक बार फिर सर्दियों के जादू से भर दिया है। जहां एक ओर पर्यटन को नई ऊर्जा मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह मौसम राहत और उम्मीद लेकर आया है। पहाड़ों पर छाई यह सफेदी आने वाले दिनों में भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती रहेगी।

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