बैसाखी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब
हरिद्वार : धर्मनगरी हरिद्वार में आज बैसाखी पर्व के अवसर पर गंगा स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। हर की पैड़ी सहित प्रमुख घाटों पर सुबह से ही स्नान का सिलसिला जारी है, जहां “हर-हर गंगे” और “जय गंगा मैया” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से देव डोलियां भी हरिद्वार पहुंचीं, जिन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गंगा स्नान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घाटों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ।
बताया जा रहा है कि अनेक श्रद्धालु एक दिन पूर्व यानी 13 अप्रैल को भी बैसाखी स्नान कर चुके हैं, हालांकि इस वर्ष बैसाखी का मुख्य संक्रांति योग 14 अप्रैल को बना है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार मंगलवार, 14 अप्रैल को प्रातः 09:39 बजे वैशाखी संक्रांति का आगमन हुआ, जिसके बाद से स्नान और दान का विशेष महत्व माना गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बैसाखी का पर्व सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है, जो हर वर्ष 13 या 14 अप्रैल को पड़ता है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।वहीं, हर बारह वर्ष के अंतराल में जब बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन होता है, जिसमें बैसाखी स्नान का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान लागू किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
