जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीण परेशान, खदरी में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में वन विभाग के अधिकारी रहे नदारद
ऋषिकेश: खदरी ग्राम सभा में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 58 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से मौके पर ही करीब 15 शिकायतों का निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए।
शिविर के दौरान जंगली जानवरों और बंदरों के बढ़ते आतंक का मुद्दा सबसे अधिक छाया रहा। ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं बंदरों के झुंड से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी खतरा बना हुआ है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना था कि शिविर में वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य थी, लेकिन वन विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएं, जैसे कि गश्त बढ़ाना, सोलर फेंसिंग, पिंजरे लगाना और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शिविर में पेयजल, सड़क, बिजली, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य और राजस्व से जुड़ी समस्याएं भी उठाई गईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया और बाकी शिकायतों को तय समय सीमा में निस्तारित करने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा कि शिविर का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान करना है और जिन शिकायतों का तत्काल समाधान नहीं हो सका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। साथ ही वन विभाग की अनुपस्थिति को लेकर उच्च स्तर पर अवगत कराने की बात भी कही गई। शिविर के अंत में ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जंगली जानवरों और बंदरों के आतंक से जल्द राहत नहीं मिली तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
