डोबरी गांव में तांबे की मौजूदगी के ठोस संकेत, गढ़वाल विश्वविद्यालय की टीम को मिले अहम प्रमाण
श्रीनगर : पौड़ी जिले के डोबरी गांव से खनिज संसाधनों को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की शोध टीम को इस क्षेत्र में तांबे की मौजूदगी के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। प्रारंभिक सर्वेक्षण के दौरान गांव के समीप स्थित एक गुफा की चट्टानों में तांबा, कॉपर पाइराइट और मैलाकाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिज तत्व पाए गए हैं।
विश्वविद्यालय की भू-विज्ञान विभाग की टीम ने क्षेत्र में भू-वैज्ञानिक अध्ययन करते हुए चट्टानों के सैंपल एकत्र किए हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, गुफा की चट्टानों में खनिजों की संरचना इस बात की ओर इशारा करती है कि यहां तांबे का प्राकृतिक भंडार हो सकता है। फिलहाल इन सभी सैंपलों को विस्तृत प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है, जिससे खनिजों की गुणवत्ता, मात्रा और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन किया जा सके।
शोध टीम ने बताया कि अगले चरण में इस पूरे क्षेत्र का उपग्रह, इमेजरी और रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि तांबे का फैलाव कितने बड़े क्षेत्र में है और इसकी गहराई व संरचना कैसी है। उपग्रह आधारित अध्ययन के बाद ही किसी भी तरह के खनन या आगे के सर्वेक्षण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

गौरतलब है कि डोबरी गांव और इसके आसपास का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भी तांबा खनन के लिए जाना जाता रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुराने समय में यहां पारंपरिक तरीकों से तांबा निकाले जाने के प्रमाण मिलते रहे हैं। कई स्थानों पर पुरानी खदानों और सुरंगों के अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं, जो इस क्षेत्र के खनिज समृद्ध इतिहास की गवाही देते हैं।
यदि वैज्ञानिक जांच और उपग्रह अध्ययन में सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं, तो यह खोज न केवल पौड़ी जिले बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी बढ़ेगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह की खनन गतिविधि से पहले पर्यावरणीय प्रभावों का गहन अध्ययन और सभी आवश्यक अनुमतियां लेना अनिवार्य होगा।फिलहाल, गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की इस खोज ने क्षेत्र में खनिज संभावनाओं को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं और आने वाले समय में इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
