बर्फ की चादर के बीच आज बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, 4 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे घांघरिया

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गोपेश्वर। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब में यात्रा सीजन के समापन की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शनिवार दोपहर दो बजे हेमकुंड साहिब और लोकपाल तीर्थ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस विशेष अवसर का साक्षी बनने के लिए सेना बैंड, रागी बंधुओं और चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था घांघरिया पहुंच चुका है। इनमें पाकिस्तान के पेशावर से आया 40 सदस्यीय श्रद्धालुओं का जत्था भी शामिल है।

हेमकुंड साहिब में मौसम ने सर्दी का असर बढ़ा दिया है। यहां करीब एक फीट मोटी बर्फ की परत जम चुकी है। अटलाकोटी से हेमकुंड साहिब तक तीन किलोमीटर का पैदल मार्ग भी बर्फ से ढका हुआ है। यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है। हालांकि, बारिश और बर्फबारी के कारण शुक्रवार को केवल 340 श्रद्धालुओं को ही हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति दी गई, जबकि अन्य श्रद्धालुओं को सुरक्षा के मद्देनजर घांघरिया में ही रोक दिया गया।

बर्फबारी के बीच गूंज रहे जयकारे

मौसम की चुनौतियों के बावजूद हेमकुंड घाटी में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। पूरा क्षेत्र ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों से गूंज रहा है। कपाट बंद होने के अवसर पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों और विदेश से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि कपाट बंद होने के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु घांघरिया पहुंच चुके हैं। शनिवार तड़के श्रद्धालुओं के जत्थों को हेमकुंड साहिब के लिए रवाना किया जाएगा, ताकि वे समापन समारोह में शामिल हो सकें।

पाकिस्तान से भी पहुंचा 40 सदस्यीय जत्था

इस वर्ष कपाट बंद होने के अवसर पर पाकिस्तान से आए श्रद्धालु भी विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह के अनुसार, पाकिस्तान के पेशावर से जत्थेदार पापेंद्र सिंह के नेतृत्व में 40 श्रद्धालुओं का दल हेमकुंड साहिब पहुंचा है। क्षेत्र में हो रही बर्फबारी को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और सभी इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।

23 मई को खुले थे कपाट, 3.80 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

हेमकुंड साहिब के कपाट इस वर्ष 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। यात्रा सीजन के दौरान अब तक करीब 3.80 लाख श्रद्धालु पवित्र गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। अब शीतकाल की शुरुआत से पहले कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा। बर्फ से ढकी चोटियों और कड़ाके की ठंड के बीच होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था, सेवा और समर्पण का विशेष अवसर बना हुआ है।

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