गंगा आरती मामले में नगर निगम के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, 25 मार्च को अगली सुनवाई
ऋषिकेश: नगर निगम ऋषिकेश द्वारा 5 जनवरी को श्री गंगा सभा ऋषिकेश के खिलाफ जारी आदेश पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल ने अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती के संचालन से संबंधित था, जिसे श्री गंगा सभा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने नगर निगम के आदेश पर फिलहाल रोक लगाते हुए अगली सुनवाई की तिथि 25 मार्च निर्धारित की है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि गंगा आरती एवं उससे जुड़े सभी धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान त्रिवेणी घाट पर स्वच्छता, हाईजीन और पर्यावरणीय अनुशासन बनाए रखना श्री गंगा सभा की जिम्मेदारी होगी।
गौरतलब है कि नगर निगम ऋषिकेश ने 5 जनवरी को जारी अपने आदेश में श्री गंगा सभा का पंजीकरण समाप्त करने, गंगा आरती से संबंधित गतिविधियों पर सवाल उठाने तथा एक सप्ताह के भीतर गंगा आरती से जुड़े समस्त कार्य नगर निगम को सौंपने के निर्देश दिए थे। इस आदेश के बाद धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति बन गई थी।

इस प्रकरण में श्री गंगा सभा के अध्यक्ष जगमोहन सकलानी ने कहा कि श्री गंगा सभा द्वारा वर्षों से परंपरागत रूप से गंगा आरती का नियमित संचालन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण निष्ठा के साथ पालन किया जाएगा और गंगा आरती के दौरान स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। फिलहाल उच्च न्यायालय की रोक के बाद त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा। अब इस मामले में सभी की निगाहें 25 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां न्यायालय द्वारा अंतिम दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है।
