ऋषिकेश में शहरी नदी प्रबंधन योजना के तहत बहुहितधारक बैठक आयोजित, गंगा समेत तीन नदियों के संरक्षण पर मंथन
ऋषिकेश : नगर निगम ऋषिकेश के आई.एस.बी.टी. परिसर स्थित महापौर कार्यालय कक्ष में ऋषिकेश नगर के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजना के अंतर्गत द्वितीय बहुहितधारक कार्य समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर शम्भू पासवान ने की।
बैठक में नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत प्रवाहित गंगा, रम्भा एवं चन्द्रभागा नदियों के संरक्षण, उनके पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने तथा शहर के सतत एवं समग्र विकास को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने नदियों से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों, भविष्य की आवश्यकताओं और दीर्घकालिक समाधान पर अपने-अपने सुझाव रखे।
बैठक में नदियों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गंगा, रम्भा और चन्द्रभागा नदियों के जल को स्वच्छ बनाए रखने तथा संजय झील के प्राकृतिक स्वरूप को और अधिक बेहतर करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही वर्षा ऋतु के दौरान आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी एवं ठोस रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
शहरी अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी बैठक में गंभीरता से विचार किया गया। इस बात पर सहमति बनी कि नगर क्षेत्र का ठोस कचरा किसी भी स्थिति में नदियों में न जाने पाए, ताकि नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और जनजागरूकता बढ़ाने के सुझाव भी सामने आए।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैराज क्षेत्र के समीप बोटिंग प्रारंभ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। साथ ही रिवर फ्रंट विकास के माध्यम से शहर को एक आकर्षक और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया गया।बैठक में शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना तथा एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस मास्टर प्लान के माध्यम से जल प्रबंधन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक में लिए गए निर्णयों एवं प्राप्त सुझावों के आधार पर एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिसे नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत अग्रिम कार्यवाही एवं अनुमोदन हेतु शासन को प्रेषित किया जाएगा ।
इस महत्वपूर्ण बैठक में गोपाल राम बिनवाल, नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश, चन्द्रकांत भट्ट, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश के साथ ही नमामि गंगे, जल संस्थान, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
