चारधाम यात्रा 2026: बदरी–केदार समेत चारों धामों में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक, पवित्रता और व्यवस्था बनाए रखने को प्रशासन का बड़ा फैसला

खबर शेयर करें -

ऋषिकेश: चारधाम यात्रा की गरिमा, पवित्रता और सुचारु व्यवस्थाओं को बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक अहम और दूरगामी निर्णय लिया है। वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारों धामों के मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़, अनुशासनहीनता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

यह फैसला गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में यात्रा व्यवस्थाओं, सुरक्षा, पंजीकरण प्रणाली और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से कई समस्याएं सामने आई हैं। वीडियो और फोटो रिकॉर्डिंग के कारण दर्शन व्यवस्था बाधित होती रही है, वहीं भीड़ नियंत्रण में भी दिक्कतें आई हैं। कई बार मोबाइल के कारण आपसी विवाद, धक्का-मुक्की और अनुशासनहीनता की घटनाएं भी देखने को मिली हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मंदिर परिसरों को मोबाइल मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन जमा करने के लिए समुचित और सुरक्षित व्यवस्था की जाएगी। बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति और जिला प्रशासन के सहयोग से मंदिर परिसरों के बाहर निर्धारित काउंटर बनाए जाएंगे, जहां श्रद्धालु अपने मोबाइल सुरक्षित रूप से जमा कर सकेंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालु अपने मोबाइल वापस प्राप्त कर सकेंगे।

बैठक में यह भी साफ किया गया कि चारधाम यात्रा की पंजीकरण प्रणाली में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। पंजीकरण पूर्व की तरह ही 60 प्रतिशत ऑनलाइन और 40 प्रतिशत ऑफलाइन रहेगा। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति में पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। वर्तमान में हरिद्वार में कुल 38 पंजीकरण काउंटर संचालित किए जा रहे हैं।

गढ़वाल आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों की मरम्मत, संचार व्यवस्था को मजबूत करने, होल्डिंग प्वाइंट, पार्किंग स्थलों, यात्री ठहराव और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

प्रशासन का दावा है कि मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन पर रोक लगने से दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु होगी, भीड़ प्रबंधन में सुधार आएगा और यात्रा की पवित्रता बनी रहेगी। साथ ही, इससे चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, अनुशासित और श्रद्धालुओं के लिए सहज अनुभव के रूप में संचालित किया जा सकेगा।चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर की जा रही इन तैयारियों से साफ है कि सरकार और प्रशासन इस बार यात्रा को पहले से कहीं अधिक व्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहे हैं।

Ad