देहरादून में दिनदहाड़े फायरिंग, हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की हत्या

खबर शेयर करें -

देहरादून: राजधानी देहरादून की शांत वादियां शुक्रवार सुबह अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठीं। शहर के एक नामी मॉल में स्थित जिम के बाहर दिनदहाड़े हुई फायरिंग में झारखंड के जमशेदपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय जब जिम में लोग अपनी दिनचर्या में व्यस्त थे, तभी तीन बाइक सवार हमलावर सिल्वर सिटी मॉल पहुंचे। दो हमलावर बाइक से उतरकर मॉल के बाहर खड़े हो गए, जबकि तीसरा बाइक पर ही इंतजार करता रहा। जैसे ही जिम से एक व्यक्ति बाहर निकला, दोनों हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुई इस फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

हमलावरों ने जिस व्यक्ति को निशाना बनाया, वह विक्रम शर्मा था। बताया जा रहा है कि विक्रम के पास लाइसेंसी पिस्तौल भी थी, लेकिन हमला इतना अचानक और तेज था कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर रूप से घायल विक्रम को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही आईजी गढ़वाल, एसएसपी अजय सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कार्रवाई शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि मृतक विक्रम शर्मा मूल रूप से झारखंड के जमशेदपुर का निवासी था और उस पर वहां हत्या, वसूली सहित गंभीर धाराओं में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। उसे झारखंड का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर माना जाता था।

पुलिस के अनुसार, विक्रम शर्मा पिछले कुछ समय से देहरादून में रह रहा था और वर्ष 2025 से संबंधित जिम में नियमित रूप से आ रहा था। उत्तराखंड के काशीपुर में उसका स्टोन क्रशर का कारोबार भी बताया जा रहा है। इसके अलावा वह अन्य व्यवसायों से भी जुड़ा हुआ था। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि उसके संबंध कई बड़े गैंगस्टरों से रहे हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस हत्या को फिलहाल गैंगवार या आपसी रंजिश के एंगल से भी देखा जा रहा है। पुलिस की टीमें संभावित आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं और विभिन्न राज्यों से भी आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है।हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि झारखंड में 50 से अधिक आपराधिक मुकदमों में नामजद एक बड़ा हिस्ट्रीशीटर देहरादून में रहकर कारोबार कर रहा था, फिर भी स्थानीय पुलिस को उसकी गतिविधियों की पूरी जानकारी क्यों नहीं थी? यदि वह वास्तव में इतना बड़ा अपराधी था, तो क्या उसकी निगरानी नहीं की जानी चाहिए थी?

दिनदहाड़े मॉल जैसे सार्वजनिक स्थान पर हुई इस वारदात से आम लोगों में दहशत का माहौल है। राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

Ad