कार्बेट धनगढ़ी गेट पर सौविनियर सेंटर का उद्घाटन
नैनीताल / रामनगर : वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के धनगढ़ी गेट पर नव स्थापित सौविनियर सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए वनाग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा भी की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंत्री उनियाल ने कार्बेट टाइगर रिजर्व की सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और सरकार उनके परिवारों के साथ खड़ी है।मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण, इको टूरिज्म के संवर्धन तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्बेट टाइगर रिजर्व न केवल उत्तराखंड बल्कि देश की शान है और इसे संरक्षित रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नव स्थापित सौविनियर सेंटर के संबंध में मंत्री ने कहा कि यह पहल स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्रीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध होगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को अब कार्बेट की यादों के साथ-साथ यहां के स्थानीय उत्पाद भी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे।ग्रीष्मकाल में बढ़ते तापमान को देखते हुए मंत्री उनियाल ने वनाग्नि की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए तथा आधुनिक उपकरणों और तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने जनसहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय ग्रामीणों और वन समितियों को भी जागरूक किया जाए ताकि आग की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि वन, वन्यजीव और पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो वनाग्नि जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारीगण, कार्बेट प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की।
