रामनगर में ढेला रेस्क्यू सेंटर का मंत्री सुबोध उनियाल ने किया निरीक्षण
रामनगर : प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने आज रामनगर स्थित ढेला रेस्क्यू सेंटर एवं वन्य जीव/पशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध उपचार सुविधाओं, पुनर्वास व्यवस्थाओं तथा वन्यजीव संरक्षण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री ने केंद्र में उपचाराधीन घायल एवं बीमार वन्यजीवों की स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य, उपचार प्रक्रिया एवं रिकवरी की प्रगति के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था, दवा वितरण प्रणाली, ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता तथा आपातकालीन सेवाओं का भी निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन्यजीवों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी घायल या बीमार वन्यजीव को उपचार में देरी न हो, इसके लिए संसाधनों और मानवबल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही आधुनिक उपकरणों एवं उन्नत चिकित्सा तकनीकों का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने रेस्क्यू एवं पुनर्वास प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वस्थ होने के बाद वन्यजीवों को सुरक्षित एवं प्राकृतिक आवास में शीघ्र पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए। इसके लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग और डेटा संकलन की व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता राज्य की पहचान है। वन और वन्यजीव न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़े हैं। राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू सेंटर में नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि स्टाफ आपात परिस्थितियों में तत्परता और दक्षता के साथ कार्य कर सके। साथ ही स्थानीय लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के बाद मंत्री ने आशा व्यक्त की कि ढेला रेस्क्यू सेंटर वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
