खबर शेयर करें -

हरिद्वार : उत्तराखंड में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जनपद हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में मखाना (फॉक्स नट) खेती के पायलट प्रोजेक्ट का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री ने स्वयं खेत में मखाना रोपण कर परियोजना की शुरुआत की, जिससे स्थानीय किसानों में भी उत्साह का संचार हुआ।

यह पायलट प्रोजेक्ट मणिगाछी कृषक उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ नकदी फसल के रूप में नए विकल्प उपलब्ध कराना है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु और कुछ क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां मखाना खेती के लिए अनुकूल हैं, जिसे देखते हुए राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2025 में ₹476 करोड़ के बजट के साथ ‘राष्ट्रीय मखाना बोर्ड’ का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य मखाना उद्योग को आधुनिक बनाना और देश में इसके उत्पादन व निर्यात को बढ़ावा देना है। इसी के तहत उत्तराखंड सरकार ने भी राज्य में मखाना खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ₹143.16 लाख की कार्ययोजना को स्वीकृति दी है, जिसके अंतर्गत किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, बीज एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को मखाना उत्पादन से जुड़े आधुनिक तरीकों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट भविष्य में बड़े स्तर पर विस्तार का आधार बनेगा और यदि यह सफल रहता है, तो उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी मखाना खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि मखाना खेती उनके लिए एक लाभकारी विकल्प साबित होगी और उन्हें बेहतर आर्थिक अवसर प्रदान करेगी।

Ad