कर्णप्रयाग पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया बिजली लाइन सामग्री चोरी का मामला, चार आरोपी गिरफ्तार

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चमोली। कर्णप्रयाग पुलिस ने बिजली लाइन निर्माण सामग्री चोरी के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब आठ लाख रुपये मूल्य की चोरी गई विद्युत सामग्री शत-प्रतिशत बरामद करने के साथ ही घटना में प्रयुक्त छोटा हाथी (लोडर) वाहन भी कब्जे में लिया है।

पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को टी.एस. पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साइट इंजीनियर नकुल कुमार, निवासी जमुई (बिहार), ने कोतवाली कर्णप्रयाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि आर.डी.एस.एस. परियोजना के तहत नौटी, पुडियाणी और जाख गांवों में बिजली लाइन बदलने के लिए साइट पर रखी गई लगभग 1100 मीटर पीवीसी (एबीसी) केबल, 3-4 कुंतल एल्युमीनियम वायर तथा अन्य हार्डवेयर सामग्री अज्ञात चोर चोरी कर ले गए।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें देर रात एक संदिग्ध छोटा हाथी (लोडर) वाहन की आवाजाही दिखाई दी।

सुराग मिलने के बाद पुलिस ने गौचर पुलिस चौकी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन से चोरी की गई पूरी सामग्री बरामद कर ली गई तथा मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद दानिश (23), चाँद मोहम्मद (20), फरमान (30) और सुएब (23) के रूप में हुई है। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के निवासी हैं।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त छोटा हाथी (लोडर) वाहन (UP 14 ST 4911), आठ बंडल पीवीसी (एबीसी) केबल, सात बंडल एल्युमीनियम वायर तथा चार कट्टे हार्डवेयर सामग्री बरामद की है। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग आठ लाख रुपये बताई गई है।

चारों आरोपियों के खिलाफ मु.अ.सं. 21/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) एवं 317(2) में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मानवेन्द्र गुसाईं, उपनिरीक्षक सरोज नौटियाल, अपर उपनिरीक्षक विजय जखमोला, अपर उपनिरीक्षक गणेश कुमार, हेड कांस्टेबल अशोक रावत, हेड कांस्टेबल हनुमंत तथा कांस्टेबल सुशील कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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