बापूग्राम धरने के 49वें दिन पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य
ऋषिकेश : ऋषिकेश में बापूग्राम संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने के 49वें दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष (LOP) यशपाल आर्य धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बापूग्राम और आसपास के 12 वार्डों के प्रभावित लोगों की मांगों को वे आगामी गैरसैण सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे।
धरनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जो लंबे समय से मालिकाना हक और राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोग अपने आशियाने को बचाने की जद्दोजहद में खौफ के माहौल में जी रहे हैं। खटीमा, चमोली के कुछ हिस्सों और बापूग्राम सहित कई इलाकों में लोग असुरक्षा की भावना से गुजर रहे हैं। यशपाल आर्य ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास करीब 40 महत्वपूर्ण विभाग हैं, ऐसे में उन्हें इन गंभीर जनसमस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को बापूग्राम और आसपास के इलाकों को राजस्व ग्राम घोषित कर वहां के निवासियों को मालिकाना हक देना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में उन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखा था, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिला। “नेता प्रतिपक्ष के पत्र का जवाब तक नहीं दिया गया। इससे सरकार की मंशा का अंदाजा लगाया जा सकता है,” उन्होंने कहा। आर्य ने आरोप लगाया कि यह सरकार सवालों से बचती है और जवाब देने के बजाय मुद्दों को उलझा देती है।
उल्लेखनीय है कि बापूग्राम सहित कुल 12 वार्ड इस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से बापूग्राम, शिवाजी नगर, 20 बीघा, मीरा नगर, मालवीय नगर, गीता नगर, मनसा देवी, अमित ग्राम-1 और 2 सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोग वर्षों से मालिकाना हक और राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।
इस दौरान बद्रीनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई कानून की है और इसे लंबा लड़ना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में भी लोगों को नोटिस दिए गए हैं, जिससे लोग भयभीत हैं। “आखिर यह सब कैसे चलेगा? इतने वर्षों से लोगों को मालिकाना हक नहीं दिया गया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है,” रावत ने कहा।उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस संघर्ष में जनता के साथ खड़े हैं और आगामी सत्र में बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और मालिकाना हक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे।
धरने के दौरान जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, पूर्व विधायक प्रत्याशी जयेंद्र रमोला, नगर अध्यक्ष ऋषिकेश कांग्रेस राकेश सिंह, महंत विनय सारस्वत, सुधीर राय रावत, दिनेश चंद्र मास्टर, पार्षद सत्य कप्रुवाण, पार्षद सुरेंद्र सिंह नेगी ‘सुर्री’, पार्षद सचवीर भंडारी, पार्षद मुस्कान सहित सैकड़ों प्रभावित लोग उपस्थित रहे।
बापूग्राम संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें मालिकाना हक और राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजर आगामी गैरसैण सत्र पर टिकी है, जहां इस मुद्दे के जोर-शोर से उठने की संभावना है।
