मथुरा की नई आबादी के विकास को 158 करोड़ का प्रस्ताव
मथुरा : नगर निगम में हाल ही में शामिल की गई नई आबादी वाले क्षेत्रों के समुचित विकास के लिए 158 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग उठाई गई है। इन इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बताया जा रहा है कि नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद कई गांव और परिधीय क्षेत्र निगम क्षेत्र में शामिल किए गए, लेकिन अभी तक इन स्थानों पर शहरी सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। अधिकांश गलियां कच्ची हैं, जिससे बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण घरों और सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय पार्षदों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब इन क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल किया गया है तो यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेश सरकार से 158 करोड़ रुपये का विशेष विकास पैकेज स्वीकृत करने की मांग की है, ताकि सड़कों का पक्कीकरण, नालियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से कच्ची गलियों और बदहाल नालियों के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका मानना है कि यदि विशेष पैकेज मंजूर होता है तो क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास संभव होगा।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्ताव में प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी, सड़क निर्माण और स्वच्छता व्यवस्था को शामिल किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच सीमा विस्तार के बाद विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है, अन्यथा असंतोष बढ़ सकता है। अब सभी की निगाहें प्रदेश सरकार पर टिकी हैं कि कब तक इस विशेष पैकेज को मंजूरी मिलती है और नई शामिल आबादी को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल पाता है।
