ऋषिकेश बाईपास पर देर रात सड़क किनारे दिखा हाथी
ऋषिकेश : तीर्थनगरी ऋषिकेश के बाईपास मार्ग पर देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक जंगली हाथी सड़क किनारे झाड़ियों में गन्ने की खोई (बचा हुआ रेशा) खाते हुए दिखाई दिया। हाथी सड़क से मात्र लगभग 40 मीटर की दूरी पर मौजूद था, जिससे वहां से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा पैदा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय यातायात अपेक्षाकृत कम था, लेकिन कुछ दोपहिया और चारपहिया वाहन लगातार इस मार्ग से गुजर रहे थे। अचानक झाड़ियों में हलचल होने पर लोगों ने देखा कि एक विशालकाय हाथी आराम से खड़ा होकर गन्ने की खोई खा रहा है। हाथी की मौजूदगी का वीडियो कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि ऋषिकेश बाईपास क्षेत्र वन क्षेत्र से सटा हुआ है और यहां पहले भी हाथियों की आवाजाही देखी गई है। भोजन की तलाश में जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले इलाकों और सड़कों के करीब पहुंच जाते हैं। हालांकि, इस तरह मुख्य मार्ग के इतने नजदीक हाथी का दिखना बेहद खतरनाक स्थिति मानी जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी और लोगों से अपील की गई है कि वे रात के समय इस मार्ग से गुजरते हुए सतर्क रहें। साथ ही, हाथी को किसी भी प्रकार से उकसाने या उसके नजदीक जाने की कोशिश न करें, क्योंकि जंगली हाथी कभी भी आक्रामक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों की सूंघने और सुनने की क्षमता बहुत तेज होती है। सड़क किनारे फेंकी गई खाद्य सामग्री, खासकर गन्ने की खोई या अन्य जैविक कचरा, उन्हें अपनी ओर आकर्षित करता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन से भी अपेक्षा की जा रही है कि सड़क किनारे कचरा न डाला जाए और सफाई व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।
फिलहाल हाथी के सुरक्षित रूप से जंगल की ओर लौट जाने की जानकारी मिली है, लेकिन घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को उजागर कर दिया है। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी संकेत, रात्रिकालीन निगरानी और जनजागरूकता अभियान को और मजबूत किया जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
