लगातार बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, थल-मुनस्यारी मार्ग तीसरे दिन भी बंद

खबर शेयर करें -

पिथौरागढ़/मुनस्यारी: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिथौरागढ़ जनपद का थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग तीसरे दिन भी यातायात के लिए बंद पड़ा है, जिससे सीमांत कस्बा मुनस्यारी जिला मुख्यालय से कट गया है। मार्ग बंद होने के कारण मुनस्यारी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं।

लगातार बर्फ गिरने से सड़क पर कई स्थानों पर घुटनों तक बर्फ जम गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी राहत कार्यों में बाधा बन रही है।

मार्ग बंद होने के साथ-साथ मुनस्यारी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी बाधित होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में संपर्क साधना भी मुश्किल हो गया है।

मुनस्यारी में बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे पर्यटक लंबे और जोखिम भरे वैकल्पिक मार्गों से किसी तरह क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। होटल व्यवसायियों के अनुसार, मार्ग बंद होने से कई पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी है।

भारी हिमपात का असर केवल मुनस्यारी तक सीमित नहीं है। दारमा घाटी और लिपुलेख मार्ग भी बर्फबारी के कारण पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। सीमांत क्षेत्रों में रसद आपूर्ति पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मुनस्यारी क्षेत्र में स्थित आईटीबीपी की एक बैरक की छत तेज हवा और बर्फबारी के कारण उड़ने की सूचना भी सामने आई है। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन घटना ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से युद्धस्तर पर बर्फ हटाने, थल-मुनस्यारी मार्ग को शीघ्र खोलने और बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द राहत कार्य नहीं हुए तो दैनिक जीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।प्रशासन का कहना है कि मौसम साफ होते ही स्नो कटर मशीनों की मदद से मार्ग खोलने और बिजली बहाल करने का कार्य तेज किया जाएगा, लेकिन फिलहाल लगातार हो रही बर्फबारी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Ad