बीन नदी पर बनेगा मोटर पुल, 24 गांवों को मिलेगा सालभर का आवागमन
ऋषिकेश: ऋषिकेश क्षेत्र के यमकेश्वर ब्लॉक में वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या अब जल्द ही इतिहास बनने जा रही है। चीला बैराज के समीप बीन नदी पर मोटर पुल निर्माण का कार्य अगले सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल डेढ़ वर्ष में तैयार होगा। पुल के निर्माण से यमकेश्वर क्षेत्र के 24 गांवों के साथ-साथ हरिद्वार–ऋषिकेश मार्ग पर निर्भर हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
अब तक बरसात के मौसम में बीन नदी में उफान आने से बैराज चीला मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता था। इसका सीधा असर ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही, आपात सेवाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ता था। कई बार लोगों को वैकल्पिक और लंबे मार्गों से सफर करने को मजबूर होना पड़ता था।
यह मार्ग राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के भीतर से होकर गुजरता है, जिसके चलते पुल निर्माण को लेकर लंबे समय से कई तरह की प्रशासनिक और पर्यावरणीय अड़चनें बनी हुई थीं। वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों के कारण परियोजना को आवश्यक स्वीकृतियां मिलने में देरी हो रही थी। हालांकि, लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिविजन ने इन सभी बाधाओं का समाधान निकालते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया। केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड और राज्य वन्यजीव बोर्ड से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद अब पुल निर्माण की राह पूरी तरह साफ हो चुकी है।
बीन नदी पर बनने वाला यह मोटर पुल लगभग 150 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा होगा। यह एक टू-लेन पुल होगा, जिससे भारी वाहनों के साथ-साथ सामान्य यातायात भी सुचारू रूप से चल सकेगा। पुल के निर्माण के बाद बरसात में बंद होने वाला बैराज–चीला–हरिद्वार मार्ग पूरे साल खुला रहेगा।
श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान भी यह पुल अत्यंत उपयोगी साबित होगा। नीलकंठ महादेव और हरिद्वार के बीच आवागमन करने वाले शिवभक्तों को अब वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग मिलेगा। इसके साथ ही यमकेश्वर और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पुल निर्माण को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उनका कहना है कि यह परियोजना न सिर्फ यातायात सुविधा को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति देगी।
कुल मिलाकर, बीन नदी पर बनने वाला यह मोटर पुल यमकेश्वर क्षेत्र के लिए विकास की नई राह खोलेगा और वर्षों से चली आ रही परेशानी का स्थायी समाधान साबित होगा।
