वसंत पंचमी पर प्रकृति का उपहार: तीन महीने बाद जौलीग्रांट, डोईवाला में झमाझम बारिश, रबी फसलों को संजीवनी

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जौलीग्रांट/डोईवाला : वसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रकृति ने भी मानो अपना शृंगार बदल लिया। सवा तीन महीने के लंबे और शुष्क इंतजार के बाद जौलीग्रांट व डोईवाला क्षेत्र की धरती आखिरकार बारिश की बूंदों से तरबतर हो उठी। पिछले वर्ष अक्तूबर के बाद से प्यासी बैठी इस वादी के लिए यह वर्षा केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि वसंत के आगमन का सुखद और शीतल उपहार बनकर आई है।

बारिश से किसान, पर्यावरणविद और आमजन में खुशी की लहर है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की पुख्ता व्यवस्था नहीं है, वहां यह वर्षा रबी की फसलों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है। मैदानी से लेकर पहाड़ी इलाकों तक गेहूं, चना, मसूर, मटर सहित अन्य रबी फसलों को इससे संजीवनी मिली है। स्थानीय किसान आदेश कृषाली और अजय रावत का कहना है कि इस बारिश से फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन में भी सुधार की उम्मीद है। हालांकि बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण कुछ किसानों के खेतों में खड़ा गन्ना गिरने की भी सूचना है, लेकिन कुल मिलाकर लाभ कहीं अधिक रहा।

महीनों से आसमान में जमी धूल भी बारिश के साथ नीचे बैठ गई, जिससे वातावरण स्वच्छ हुआ और प्रदूषण में कमी दर्ज की गई। वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है वर्षा के चलते संभावित फायर सीजन कुछ दिन पीछे खिसक गया है, जिससे जंगलों में आग की आशंका फिलहाल कम हुई है।उधर, एयरपोर्ट मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार शाम साढ़े पांच बजे तक पिछले 24 घंटों में कुल 15.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले एयरपोर्ट क्षेत्र में पिछले वर्ष अक्तूबर माह में महज 4.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई थी। आम धारणा है कि वसंत पंचमी से गर्मियों की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस बार बारिश और पहाड़ों में हुई बर्फबारी के असर से महज 24 घंटे के भीतर तापमान में नौ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड बढ़ गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम के इस बदले मिजाज ने जहां एक ओर ठंडक बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर खेती, पर्यावरण और जनजीवन के लिए राहत और उम्मीद का संदेश भी दिया है।

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