नयना देवी मंदिर बना आस्था का केंद्र
नैनीताल : उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में स्थित मल्लीताल का ऐतिहासिक नयना देवी मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नैनी झील के उत्तरी छोर पर स्थित यह मंदिर धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां मां सती के नयन (आंखें) गिरने की मान्यता है। यही कारण है कि इस मंदिर का नाम नयना देवी पड़ा। साल भर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, लेकिन नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष रौनक देखने को मिलती है।
नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर मां के दर्शन करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया जाता है और धार्मिक भजनों के साथ वातावरण भक्तिमय हो उठता है। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध, साफ-सफाई और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नयना देवी मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, जिससे यहां श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो जाती है। नवरात्र के दौरान यहां उमड़ने वाली भीड़ इस मंदिर की महत्ता और श्रद्धालुओं के विश्वास का जीवंत प्रमाण है।
