दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का PM मोदी ने किया लोकार्पण
देहरादून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर उत्तराखंड को विकास की नई रफ्तार से जोड़ दिया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने के साथ ही राजधानी दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी अब महज ढाई घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे आवागमन तेज, सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
यह इकोनॉमिक कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तराखंड के लिए “ग्रीन कॉरिडोर” के रूप में उभर रहा है, जो राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देगा। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते चारधाम यात्रा, कॉर्बेट और राजाजी नेशनल पार्क, मसूरी, टिहरी सहित विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
कॉरिडोर के माध्यम से पहाड़ और मैदान के बीच की दूरी कम होने से स्थानीय किसानों, उद्यमियों और उत्पादकों को सीधा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। हर्षिल के सेब, जोशीमठ और चकराता की राजमा, पुरोला के लाल चावल तथा रुद्रप्रयाग के बुरांश का जूस जैसे पारंपरिक उत्पाद अब तेजी से और कम लागत में बड़े शहरों तक पहुंच सकेंगे।
लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही राज्य में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और एग्री-लॉजिस्टिक्स जैसे सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
इस परियोजना से परिवहन, कृषि आधारित उद्योगों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को नई गति मिलेगी। साथ ही, यह कॉरिडोर राज्य में पलायन की समस्या को कम करने में भी सहायक सिद्ध हो सकता है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन क्षेत्र के लिए भी यह कॉरिडोर बेहद लाभकारी साबित होने जा रहा है। बेहतर और तेज कनेक्टिविटी के कारण देश-विदेश के पर्यटक अब उत्तराखंड के दूरस्थ और प्राकृतिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और हस्तशिल्प को नई ऊर्जा मिलेगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड के लिए विकास का एक नया अध्याय खोलते हुए राज्य को आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और पर्यटन विस्तार की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा।
