पीएमजीएसवाई कार्यों की समय सीमा मार्च 2027 तक बढ़ी
उत्तराखंड : केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में ग्रामीण सड़कों के विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत चल रहे कार्यों की समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2027 तक कर दी है। इस निर्णय से राज्य में अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
जानकारी के अनुसार, पीएमजीएसवाई के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के तहत प्रदेश में कई सड़क परियोजनाएं अभी भी निर्माणाधीन हैं। पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों, मौसम की प्रतिकूलता और तकनीकी चुनौतियों के चलते इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में दिक्कतें आ रही थीं। ऐसे में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की सड़कों से जोड़ना मुख्य उद्देश्य है, ताकि गांवों तक आवागमन सुगम हो सके और स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। अधिकारियों का कहना है कि समय सीमा बढ़ने से अब शेष कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे राज्य के सुदूर गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा। साथ ही, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क कनेक्टिविटी विकास की रीढ़ है। ऐसे में पीएमजीएसवाई के तहत हो रहे कार्यों का समय पर पूरा होना राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
