प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड डील को दी मंजूरी, फोन वार्ता में बनी सहमति

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नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत कर दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप दे दिया है। इस समझौते को भारत, न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फ्री ट्रेड डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना, आयात-निर्यात को बढ़ावा देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। समझौते के तहत कई वस्तुओं और सेवाओं पर शुल्क में रियायत दी जाएगी, जिससे भारतीय और न्यूजीलैंड की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजार में आसानी से प्रवेश मिल सकेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि यह डील दोनों देशों के लिए विन-विन स्थिति लेकर आएगी। इससे न केवल व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि कृषि, डेयरी, आईटी, शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ेगा। न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को भी नई गति देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फ्री ट्रेड डील से भारत को न्यूजीलैंड के विकसित बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जबकि न्यूजीलैंड को भारत जैसे विशाल उपभोक्ता बाजार का लाभ मिलेगा। इससे दोनों देशों के निर्यातकों, किसानों और छोटे–मध्यम उद्योगों को सीधा फायदा होने की उम्मीद है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने भी इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि भारत के साथ आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना उनके देश की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह डील दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाएगी।

कुल मिलाकर, भारत, न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड डील को दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम व्यापारिक आंकड़ों, निवेश प्रवाह और आर्थिक विकास के रूप में साफ नजर आने की उम्मीद है।

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