उत्तराखंड राज्यपाल का बड़ा बयान: पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
देहरादून : उत्तराखंड के राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान पर जोर देते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों और सेवानिवृत्त सैनिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और उनकी समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राज्यपाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों से जुड़े मामलों का निस्तारण तय समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवास, भूमि से जुड़े विवाद, रोजगार और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी न हो। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया।
राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिक न केवल देश की सुरक्षा के प्रतीक हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। ऐसे में यह राज्य का नैतिक दायित्व है कि उनके जीवन को सम्मानजनक और सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए, ताकि सैनिकों और उनके परिवारों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

बैठक के दौरान राज्यपाल को पूर्व सैनिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी भी दी गई। उन्होंने इन योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और ज़मीनी स्तर पर इनके प्रभाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी नीति या प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता हो, तो उसका प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासनिक प्रयासों से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होगा और उन्हें यह महसूस होगा कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
