देहरादून में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सख्ती
देहरादून : जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड एवं रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालन के लिए सख्त मानक लागू कर दिए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी केंद्रों को पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) एक्ट का पूर्ण रूप से पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियां न हों। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र पर आवश्यक पंजीकरण, दस्तावेजों का संधारण, और निर्धारित मानकों के अनुरूप उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों में आने वाले मरीजों का पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से रखा जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, केंद्रों पर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की योग्यता और वैध प्रमाणपत्रों की जांच भी अनिवार्य की गई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाना है, और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। जिला प्रशासन के इस कदम को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जनविश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
