टिहरी झील बनेगी वैश्विक पर्यटन का नया केंद्र, वेलनेस और एडवेंचर गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
टिहरी/देहरादून : उत्तराखंड की प्रसिद्ध टिहरी झील को अब वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार टिहरी झील क्षेत्र को वेलनेस टूरिज्म, साहसिक खेल गतिविधियों और प्राकृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी में जुटी है। इसके तहत झील के आसपास आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने वाली योजनाओं पर काम किया जाएगा।
सरकार की योजना है कि टिहरी झील में एडवेंचर स्पोर्ट्स, वाटर स्पोर्ट्स, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग, जेट स्कीइंग, बोटिंग और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों को और विस्तार दिया जाए। इसके साथ ही योग, ध्यान, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा आधारित वेलनेस सेंटर भी विकसित किए जाएंगे, ताकि पर्यटक यहां प्राकृतिक सुंदरता के बीच मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ उठा सकें।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार टिहरी झील में पहले से मौजूद साहसिक गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। झील के आसपास होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है।
सरकार का मानना है कि टिहरी झील क्षेत्र में पर्यटन के नए आयाम खुलने से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इसके अलावा क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी ।
विशेषज्ञों का कहना है कि टिहरी झील अपनी विशाल जलराशि, पहाड़ों की खूबसूरती और शांत वातावरण के कारण देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकती है। यदि योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं तो आने वाले वर्षों में टिहरी झील भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकती है।
