देहरादून का बेकाबू जाम बना लोगों के लिए बड़ी परेशानी
देहरादून : राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम ने अब गंभीर रूप ले लिया है। शहर की प्रमुख सड़कों पर घंटों लगने वाले जाम के कारण जहां आम लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, वहीं बड़ी मात्रा में ईंधन की खपत भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार देहरादून में बेकाबू ट्रैफिक जाम की वजह से ईंधन की बर्बादी लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है और प्रतिदिन करीब 60,000 लीटर पेट्रोल व्यर्थ जल रहा है।
शहर के राजपुर रोड, घंटाघर, आईएसबीटी, बल्लूपुर चौक, प्रेमनगर, सहारनपुर रोड और हरिद्वार रोड जैसे व्यस्त इलाकों में सुबह और शाम के समय वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई स्थानों पर वाहन चालकों को कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में आधे घंटे से अधिक समय लग रहा है। लगातार रुक-रुक कर चलने वाले वाहनों से पेट्रोल और डीजल की खपत तेजी से बढ़ रही है।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि देहरादून में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सड़कें और ट्रैफिक प्रबंधन उसी अनुपात में विकसित नहीं हो पाए हैं। शहर में हर दिन हजारों नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। ट्रैफिक जाम के दौरान वाहन लंबे समय तक स्टार्ट रहने से ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना दफ्तर, स्कूल और बाजार जाने में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं। लोगों ने शहर में बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग, पार्किंग व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की मांग उठाई है।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, वन-वे व्यवस्था, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही अनावश्यक निजी वाहन उपयोग को कम करने और कार पूलिंग जैसी व्यवस्थाओं को भी बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है।
यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में देहरादून में ट्रैफिक जाम और ईंधन की बर्बादी की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
