रुद्रनाथ धाम में भालुओं का आतंक, धर्मशालाओं व ढाबों को भारी नुकसान

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चमोली/गोपेश्वर: चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम क्षेत्र में इन दिनों भालुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना में भालुओं ने मंदिर परिसर को छोड़कर आसपास स्थित धर्मशालाओं, होटलों और ढाबों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि भालुओं ने कई इमारतों के दरवाजे, खिड़कियां और छत तक तोड़ डाली, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय भालुओं का एक झुंड रुद्रनाथ धाम क्षेत्र में पहुंचा और भोजन की तलाश में धर्मशालाओं व ढाबों में घुस गया। इस दौरान भालुओं ने लकड़ी के दरवाजे उखाड़ दिए, खिड़कियों के शीशे तोड़े और कुछ जगहों पर टिन व स्लेट की छतों को भी नुकसान पहुंचाया। गनीमत रही कि इस समय धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कम थी, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

घटना की जानकारी मिलते ही केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर वन विभाग के कर्मचारियों की टीम भेजी। टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों और यात्रियों को रात के समय खुले में न निकलने और भोजन सामग्री को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।

वन अधिकारियों का कहना है कि ठंड बढ़ने और जंगलों में भोजन की कमी के कारण भालू आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं। रुद्रनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मानव गतिविधियां बढ़ने से भी वन्यजीव आकर्षित हो रहे हैं। विभाग द्वारा भालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के लिए गश्त बढ़ाई गई है और संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

स्थानीय व्यवसायियों और मंदिर समिति ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। उनका कहना है कि यदि भालुओं का आतंक इसी तरह जारी रहा तो इससे यात्रा और स्थानीय आजीविका दोनों पर असर पड़ेगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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