मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास परियोजनाओं के लिए 167 करोड़ रुपये किए स्वीकृत
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए 167 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति राज्य के कई जिलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आवागमन सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्वीकृत धनराशि से सड़कों के सुधार और चौड़ीकरण, नए स्कूल भवनों के निर्माण, हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना, घाटों एवं पुलों के विकास, हेलीपोर्ट निर्माण तथा प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में भी विकास की रफ्तार को तेज करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर सड़क नेटवर्क से जहां दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं नए स्कूल भवनों के निर्माण से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शिक्षा का स्तर और ऊंचा होगा।
हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए आवंटित धनराशि से गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में घाटों और पुलों के विकास से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी लाभ पहुंचेगा।

राज्य में हेलीपोर्ट निर्माण को भी इस पैकेज में शामिल किया गया है, जिससे आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। वहीं, मंदिरों के सौंदर्यीकरण से धार्मिक स्थलों की सांस्कृतिक पहचान और आकर्षण में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, 167 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति उत्तराखंड में विकास, आस्था और पर्यटन के संतुलित विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे राज्य के सर्वांगीण विकास को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
