बहराइच में फिर बाघ का आतंक: खेत में काम कर रहे किसान की मौत, ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश
उत्तर प्रदेश : बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज क्षेत्र में गुरुवार को बाघ के हमले में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना धर्मपुर गांव की बताई जा रही है, जहां 48 वर्षीय किसान भिखान आर्य अपने खेत में काम कर रहे थे। अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जब तक आसपास के लोग शोर मचाकर मौके पर पहुंचे, तब तक बाघ भिखान आर्य को बुरी तरह नोच चुका था। बाघ हमले के बाद जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। लोगों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विभाग की लापरवाही को मौत का जिम्मेदार ठहराया।
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा था और पहले भी कई मवेशियों पर हमला कर चुका था। बावजूद इसके, वन विभाग ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने केवल खानापूर्ति करते हुए गश्त का दिखावा किया, लेकिन बाघ को पकड़ने या भगाने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। मृतक किसान भिखान आर्य के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम करने की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घटना की जांच शुरू कर दी है। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ ने बताया कि बाघ के मूवमेंट की जानकारी पहले से थी और इलाके में कैमरा ट्रैप एवं पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई थी। अब विभाग विशेष टीम बनाकर बाघ को पकड़ने की कोशिश करेगा ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बाघ को पकड़ा नहीं गया तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर से बहराइच और आसपास के इलाकों में मानव-बाघ संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है, जो पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ती जा रही है।
