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नैनीताल : शहर में पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने शहर में प्रवेश करने वाले दोपहिया वाहनों को तो रोककर यातायात नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन चारपहिया वाहनों को बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश दिया गया। बताया जा रहा है कि इस फैसले के पीछे पर्यटन कारोबारियों का दबाव भी एक बड़ा कारण रहा।

पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना था कि यदि चारपहिया वाहनों को भी रोका गया, तो सैलानियों की संख्या में कमी आ सकती है, जिससे उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ेगा। इसी के चलते प्रशासन ने नरमी बरतते हुए चारपहिया वाहनों को शहर में आने की अनुमति दी।आंकड़ों के अनुसार, शहर में 1200 से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचे, जिनसे करीब 5000 से ज्यादा सैलानी शहर में दाखिल हुए। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और अन्य पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को अच्छा खासा लाभ हुआ।

हालांकि, इस दौरान शहर में यातायात दबाव भी काफी बढ़ गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही और पार्किंग की समस्या भी उभरकर सामने आई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को यातायात व्यवस्था और पर्यटन के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहिए, ताकि जहां एक ओर व्यापार प्रभावित न हो, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर चर्चा जारी है।

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