लखनऊ में उत्तराखंड महोत्सव बना सांस्कृतिक और आर्थिक सफलता का प्रतीक
लखनऊ: उत्तराखंड महापरिषद द्वारा लखनऊ में आयोजित दस दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव ने सांस्कृतिक समृद्धि के साथ-साथ आर्थिक दृष्टि से भी नई मिसाल कायम की है। महोत्सव के दौरान लगभग तीन करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया, जिससे उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प, लोक कला और स्थानीय व्यंजनों को व्यापक पहचान मिली।
इस भव्य आयोजन में 2500 से अधिक कलाकारों ने लोकनृत्य, लोकगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया। वहीं, एक लाख से अधिक दर्शकों ने महोत्सव में भाग लेकर कार्यक्रमों का आनंद लिया और उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू हुए।
महोत्सव के समापन के पश्चात आयोजित समीक्षा बैठक में आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर उत्तराखंड महापरिषद की नई 51 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया।

सर्वसम्मति से हरीश चंद्र पंत को एक बार फिर परिषद का अध्यक्ष और भरत सिंह बिष्ट को महासचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सरोकारों को देशभर में सशक्त रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
महोत्सव की सफलता ने न केवल उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम साबित हुआ।
