हर्षिल में भागीरथी का बढ़ा जलस्तर, तटवर्ती क्षेत्रों पर मंडराया खतरा

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उत्तरकाशी: हर्षिल में लगातार बढ़ रहे भागीरथी नदी के जलस्तर ने तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी किनारे जमा मलबे के ढेरों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे बड़े पैमाने पर कटाव की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास की कई इमारतें और सार्वजनिक संपत्तियां खतरे की जद में आ सकती हैं।

पिछले वर्ष आई आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षात्मक कार्य किए जाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक अधिकांश कार्य अधूरे हैं। इसका परिणाम यह है कि इस बार मानसून के दौरान वही इलाके दोबारा जोखिम का सामना कर रहे हैं।

सबसे अधिक खतरा जीएमवीएन गेस्ट हाउस और हर्षिल कोतवाली भवन पर मंडरा रहा है। नदी के कटाव से इन भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी सुरक्षा उपाय करने और अधूरे सुरक्षात्मक कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।

प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे ताकि किसी भी संभावित नुकसान को रोका जा सके।

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