उत्तराखंड में मौसम ने बदली करवट, पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी से बढ़ेगी ठंड; मैदानों में भी गिरेगा पारा

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद अब पोस्ट मानसून बारिश ने मौसम का मिजाज बदलना शुरू कर दिया है। प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना ने ठंड बढ़ने के संकेत दे दिए हैं। मौसम के इस बदलाव का असर मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा और आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट के साथ सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ सकती है।

12 अक्तूबर तक बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 12 अक्तूबर तक उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान तेजी से नीचे जाने के साथ ठंड का असर बढ़ेगा।विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश के बाद मौसम साफ होने पर भी तापमान में गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में इस बार अक्तूबर में ही लोगों को सामान्य से ज्यादा ठंड महसूस होने की संभावना है।

मंगलवार को भी जमकर बरसे बादल

मंगलवार को दोपहर बाद उत्तराखंड के अधिकतर हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। कई इलाकों में तेज बारिश हुई। देहरादून में भी बारिश का दौर देखने को मिला। यहां अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य रहा।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सहस्रधारा में सबसे अधिक 47.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

पहाड़ों में बारिश, 4200 मीटर से ऊपर बर्फबारी के आसार

पर्वतीय इलाकों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। बर्फबारी होने से ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और तेजी से बढ़ेगी।

इसका असर निचले पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी जिलों के तापमान पर भी पड़ सकता है। ठंडी हवाओं के चलते देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में भी सुबह और शाम के वक्त ठिठुरन बढ़ने की संभावना है।

आठ जिलों में येलो अलर्ट

सात अक्तूबर को देहरादून, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना जताई है।

गुलाबी ठंड की जगह इस बार जल्दी बढ़ेगी ठिठुरन

अक्तूबर को आमतौर पर उत्तराखंड में सुहावने मौसम और हल्की ठंड का महीना माना जाता है। लेकिन इस बार मौसम के बदले तेवर कुछ अलग संकेत दे रहे हैं। बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संभावित बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट का दौर जल्दी शुरू हो सकता है।

यानी उत्तराखंड में सर्दियों की दस्तक इस बार समय से पहले महसूस हो सकती है। पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी जहां ठंड बढ़ाएगी, वहीं मैदानों में भी आने वाले दिनों में सुबह-शाम ठिठुरन का असर साफ दिखाई देने लगेगा।

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