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ऋषिकेश : ऋषिकेश में चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे निर्मल आश्रम अस्पताल द्वारा, 3 अप्रैल 2026 को निर्मल आश्रम खैरी कलाँ (नजदीक नेपाली फार्म) में 18वें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर एन.जी.ए. एवं एन.ई.आई. के वार्षिक समागम के तहत आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन लगाया गया, जिसमें परिवर्तन चैरिटेबल ब्लड बैंक का सहयोग रहा।

रक्तदान शिविर में समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए और मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। शिविर के दौरान कुल 114 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में योगदान दिया।

अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा वर्ष में दो बार नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं और यह इस श्रृंखला का 18वां शिविर है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध हो पाता है।शिविर का शुभारंभ निर्मल आश्रम के महंत बाबा राम सिंह जी महाराज ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में रक्तदान और मृत्यु के पश्चात नेत्रदान का संकल्प अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई भी कार्य नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान संत जोध सिंह जी महाराज ने भी निर्मल आश्रम द्वारा चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना की और इन्हें आगे भी जारी रखने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर डॉ. इंदू शर्मा, अमन कुमार, आत्म प्रकाश कोचर, ललिथा कृष्णास्वामी, डॉ. सुनीता शर्मा, अमृतपाल डंग, करमजीत सिंह, चरनजीत सिंह सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन ने न केवल रक्तदान के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया।

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