फार्मर रजिस्ट्री कैंप में 58 किसानों ने किया प्रतिभाग
भोगपुर: भोगपुर ग्राम पंचायत में एग्री स्टैक योजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में क्षेत्र के कुल 58 किसानों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होने पर 20 किसानों के फार्मर रजिस्ट्री कार्ड बनाकर उन्हें वितरित किए गए। कैंप का उद्देश्य किसानों को सरकार की डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसान बनाना रहा।
कैंप के दौरान कृषि अधिकारी विजय कुमार ने किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कृषि एवं तहसील विभाग की ओर से रोस्टर तैयार कर प्रत्येक क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, जमीन की नवीन खाता-खतौनी तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। रजिस्ट्री के बाद किसान को 11 अंकों का एक विशेष यूनिक कोड जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए भूमि की फर्द या अन्य दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से ही किसान विभिन्न योजनाओं में सीधे लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
राजस्व उपनिरीक्षक आनंद सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण में किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। कैंप में पहुंचे 58 किसानों में से कुछ किसानों के मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं होने के कारण उनके फार्मर रजिस्ट्री कार्ड नहीं बन पाए। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में यह प्रक्रिया और अधिक सरल हो जाएगी तथा किसान स्वयं अपने मोबाइल फोन से या नजदीकी सीएससी सेंटरों के माध्यम से भी फार्मर रजिस्ट्री कर सकेंगे।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान चांद खान और बीडीसी सदस्य संजीव नेगी ने संयुक्त रूप से कहा कि एग्री स्टैक और फार्मर रजिस्ट्री सरकार की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना है, जिससे किसानों को पारदर्शी और सरल तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी किसानों से अपील की कि वे आगे आने वाले कैंपों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं।
कैंप में संजय बड़थ्वाल, कलम सिंह रावत, रविंद्र रावत, अनुज नेगी, मनोहर नेगी, रवि भूषण नेगी, मोहन सिंह सहित अन्य ग्रामीण और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर किसानों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
