जंगल में घास लेने गई महिला पर भालू का हमला, गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती
ऋषिकेश: जनपद पौड़ी गढ़वाल के ग्राम खंडूली की निवासी ज्योति देवी पर जंगल में घास लेने के दौरान हुए भालू के हमले ने एक बार फिर उत्तराखंड में मानव–वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है। हमले में गंभीर रूप से घायल ज्योति देवी का इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एम्स ऋषिकेश पहुँचकर पीड़िता से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से बातचीत कर चोटों की गंभीरता की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पीड़िता के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
एम्स में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही भालू हमलों की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में भालू के हमले अब आम होते जा रहे हैं, जिससे आमजन का जीवन भय के साये में गुजर रहा है। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे अधिक असुरक्षित हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है।
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भालू-मानव संघर्ष की बढ़ती घटनाएँ कोई सामान्य हादसे नहीं हैं, बल्कि यह सरकार की लापरवाही, कमजोर वन्यजीव प्रबंधन और विफल प्रशासन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि न तो संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान समय रहते की गई और न ही वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम किए गए। वन विभाग संसाधनों की भारी कमी से जूझ रहा है, जिसके चलते ज़मीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज भालू-मानव संघर्ष उत्तराखंड के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है, लेकिन सरकार के पास न तो कोई ठोस नीति है और न ही प्रभावी कार्ययोजना। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए, घायलों का संपूर्ण इलाज सरकार के खर्च पर कराया जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, पिंजरे और चेतावनी तंत्र लगाए जाएँ तथा स्थानीय लोगों को वन्यजीवों से बचाव के लिए जागरूक किया जाए।
गणेश गोदियाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार अब भी नहीं चेती तो आने वाले समय में हालात और अधिक भयावह हो सकते हैं, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी जनता की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज़ बुलंद करेगी।
इस अवसर पर पीड़िता और उनके परिजनों से मिलने वालों में कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला, व्यापार मंडल अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा, एनएसयूआई अध्यक्ष हिमांशु जाटव, यूंका नेता हिमांशु कश्यप सहित अन्य स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। सभी ने पीड़िता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की।
