उत्तराखंड में बड़ा फैसला: वन्यजीव हमलों में घायलों का पूरा इलाज सरकार उठाएगी खर्च

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देहरादून : उत्तराखंड में बढ़ते वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा और मानवीय फैसला किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वन्य जीवों के हमलों में घायल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। किसी भी घायल को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े, यह सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।मुख्यमंत्री ने वन, स्वास्थ्य और जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। प्राथमिक उपचार से लेकर उच्च स्तरीय इलाज तक की व्यवस्था बिना किसी देरी के की जाए, चाहे मरीज को हायर सेंटर ही क्यों न रेफर करना पड़े। इसके लिए एंबुलेंस, डॉक्टरों और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सीएम धामी ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, विशेषकर पर्वतीय और वन सीमावर्ती क्षेत्रों में। ऐसे में प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि गश्त बढ़ाई जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाए जाएं और ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जाए, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने वन्यजीव हमलों में जान गंवाने वालों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि में भी बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाए। इसमें वन्यजीव कॉरिडोर, सोलर फेंसिंग, जागरूकता अभियान और स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दलों की भूमिका अहम होगी।

राज्य सरकार के इस फैसले से वन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और मजबूत सुरक्षा उपायों के जरिए मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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