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देहरादून : आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पुलिस, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन एवं आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर यात्रा की पूर्ण तैयारियां समय रहते सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया कि यात्रा मार्ग पर संभावित जाम वाले स्थानों और भूस्खलन (स्लाइडिंग) जोन की पहचान कर वहां पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड जैसी परिस्थितियों के चलते मार्ग बाधित होने पर यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया चिन्हित किए जाएं। इन स्थानों पर रुकने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर यातायात, मौसम और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां निरंतर वॉकी-टॉकी, एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से यात्रियों तक पहुंचाई जाएं। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए पंजीकरण के दौरान यात्रियों को ‘सचेत ऐप’ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए, ताकि उन्हें समय-समय पर आवश्यक अलर्ट और सूचनाएं मिलती रहें।

आपदा प्रबंधन के संदर्भ में उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि अपने मैसेजिंग अलर्ट मैकेनिज्म का प्रभावी उपयोग करते हुए यात्रियों को समय पर सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से त्वरित बचाव और रेस्क्यू ऑपरेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पर्यटन विभाग को निर्देशित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों पर विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाए। इसके लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर विस्तृत योजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे स्तर पर पब्लिक अमेनिटीज को भी विकसित किया जा सकता है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

इसके अलावा, उन्होंने यात्रा मार्गों पर स्पष्ट और पर्याप्त साइनज (दिशा सूचक बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। बैठक में सभी विभागों ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की और मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि चारधाम यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए ।

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