खबर शेयर करें -

देहरादून : आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। अप्रैल माह में शुरू होने जा रही इस वर्ष की यात्रा के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने व्यापक स्तर पर बजट प्रावधान और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने केनाल रोड स्थित समिति कार्यालय के निकट आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल, बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल तथा श्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को खोले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। राज्य सरकार द्वारा यात्रा की तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है, जिसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण में भी तेजी देखी जा रही है। 6 मार्च से 16 मार्च के बीच दो सप्ताह में कुल 6,17,853 श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं। इनमें केदारनाथ के लिए 2,06,622, बदरीनाथ के लिए 1,82,212, गंगोत्री के लिए 1,15,763 और यमुनोत्री के लिए 1,13,256 श्रद्धालु शामिल हैं।

शीतकालीन यात्रा के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि धामों के कपाट बंद होने के बाद 16 मार्च 2026 तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम के शीतकालीन स्थल योग बदरी पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर जोशीमठ में 20,054 श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लिया, जबकि केदारनाथ एवं द्वितीय केदार मदमहेश्वर की शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 31,736 श्रद्धालु पहुंचे।

बीकेटीसी की हाल ही में आयोजित बजट बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 121 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पारित किया गया है। इसमें बदरीनाथ धाम के लिए लगभग 57.47 करोड़ रुपये तथा केदारनाथ धाम के लिए लगभग 63.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई, जिनमें धामों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव प्रमुख है, जिसे राज्य सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा तीर्थ पुरोहितों के हित में ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ की स्थापना का भी निर्णय लिया गया।

यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति का शिविर कार्यालय खोला जाएगा। साथ ही मंदिर परिसरों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध, रील, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगाने का भी प्रस्ताव है।

बीकेटीसी द्वारा यात्रा एवं दर्शन से संबंधित एसओपी पर भी विचार किया जा रहा है। मंदिर परिसर, दर्शन पंक्तियों की रेलिंगों की मरम्मत, रंग-रोगन, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता और विश्राम गृहों में आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन पूजा व्यवस्था और समिति की वेबसाइट को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान और मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

Ad