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देहरादून : देहरादून स्थित सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के बेहतर उपयोग को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को वैज्ञानिक और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए तथा इसके लिए शीघ्र विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। चारधाम यात्रा को देखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों एवं जनपदों के प्रवेश मार्गों पर ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों और चारों धामों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए सतत निगरानी रखने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि अतिरिक्त फंड का उपयोग पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) से उपचारित जल का गैर पेयजल कार्यों में उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां एसटीपी स्थापित हैं, वहां उपचारित जल का आसपास के क्षेत्रों में 100 प्रतिशत उपयोग करने के लिए विभागीय कार्ययोजना तैयार की जाए।

इसके अलावा उन्होंने राज्य में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स तथा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स को शीघ्र तैयार कर संचालन में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कचरे से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में तेजी से काम किया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा संसाधनों में भी वृद्धि हो सके।

मुख्य सचिव ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान कार्य की निगरानी के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम को जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे कूड़ा संग्रहण कार्य की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, रणवीर सिंह चौहान, डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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