बढ़ते प्रदूषण से स्वास्थ्य पर खतरे पर जताई चिंता
नई दिल्ली : राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने देश के कई हिस्सों, खासकर दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए इसे जन-स्वास्थ्य संकट करार दिया है। इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एनजीटी ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अन्य संबंधित राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि वायु प्रदूषण अब केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है। प्रदूषण के कारण श्वसन संबंधी बीमारियों, हृदय रोगों और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जो चिंता का विषय है।
अधिकरण ने संबंधित सरकारों से पूछा है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कार्ययोजना तैयार की गई है। साथ ही, प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों जैसे वाहनों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
एनजीटी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ऐसे में सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय बनाकर काम करने और तत्काल ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान संबंधित सरकारों द्वारा प्रस्तुत जवाब और कार्ययोजना पर एनजीटी आगे की कार्रवाई तय करेगा।
