हल्द्वानी के जज फार्म में नलों से आ रहा दूषित और झागयुक्त पानी, सांसद अजय भट्ट ने डीएम को लिखा पत्र

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हल्द्वानी। शहर के वार्ड संख्या-52 स्थित जज फार्म क्षेत्र में घरों के नलों से दूषित और झागयुक्त पानी आने का मामला सामने आया है। पेयजल की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री एवं नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी नैनीताल को पत्र भेजा है। सांसद ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

कई घरों में पीने योग्य नहीं पहुंच रहा पानी

सांसद अजय भट्ट ने अपने पत्र में कहा कि 4 अक्टूबर को प्रकाशित समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें जज फार्म क्षेत्र में घरों के नलों से गंदा और झागयुक्त पानी आने की जानकारी मिली। स्थानीय निवासियों के अनुसार क्षेत्र के कई घरों में पहुंच रहा पानी पीने योग्य नहीं है। पानी में गंदगी और झाग होने की शिकायत लगातार सामने आ रही है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पाइपलाइनों के बावजूद बनी हुई है समस्या

जानकारी के अनुसार जज फार्म क्षेत्र में गौला नदी और ट्यूबवेल दोनों की पेयजल पाइपलाइन मौजूद हैं, इसके बावजूद दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। वहीं, शीशमहल फिल्टर प्लांट में सिल्ट जमा होने के कारण भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की बात सामने आई है।

दूषित पानी से बीमारियों का खतरा

सांसद ने अपने पत्र में ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार पड़ने की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दूषित पेयजल के कारण जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी तरह की बीमारी या महामारी की स्थिति उत्पन्न न हो।

पाइपलाइन और पानी की गुणवत्ता की जांच की मांग

अजय भट्ट ने जिलाधिकारी नैनीताल से जल संस्थान और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र की पेयजल पाइपलाइनों की जांच कराने के निर्देश देने का आग्रह किया है। साथ ही पानी के स्रोत और उसकी गुणवत्ता की भी जांच कराने को कहा गया है, ताकि दूषित पानी की समस्या के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।

स्थिति सामान्य होने तक टैंकर से मिले पानी

सांसद ने पेयजल व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग करते हुए कहा कि जब तक क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सामान्य और सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक स्थानीय लोगों को टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इससे क्षेत्रवासियों को दूषित पानी के इस्तेमाल से होने वाली संभावित स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाया जा सकेगा।

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