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देहरादून : राजधानी देहरादून से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले में अदालत ने सख्त संदेश देते हुए शिक्षा के नाम पर नाबालिग छात्राओं का यौन शोषण करने वाले स्कूल व हॉस्टल संचालक जनार्धन बिन्जोला उर्फ जगत कुमार को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी जनार्धन बिन्जोला अपने स्कूल और हॉस्टल में रह रही नाबालिग छात्राओं को झांसे में लेकर लंबे समय तक उनका यौन शोषण करता रहा। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िताओं ने साहस दिखाते हुए आपबीती अपने परिजनों और संबंधित अधिकारियों को बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िताओं के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को एकत्र कर मजबूत चार्जशीट अदालत में पेश की।

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के अपराध को साबित किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया गया। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में इस तरह के जघन्य अपराध समाज को झकझोरने वाले हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा देकर ही अपराधियों को सबक सिखाया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उनके साथ किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस फैसले के बाद पीड़ित परिवारों ने न्याय मिलने पर राहत की सांस ली है। वहीं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इसे एक महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि भविष्य में भी बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर इसी तरह सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।

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