डोईवाला में श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय माहौल
डोईवाला: डोईवाला क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए और भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने ब्यास पीठ से आशीर्वाद ग्रहण किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय शास्त्री ने श्रीकृष्ण की माखन चोरी की लीला का आध्यात्मिक महत्व समझाते हुए कहा कि यह केवल बाल सुलभ शरारत नहीं, बल्कि भगवान द्वारा भक्तों के हृदय रूपी माखन को चुराने की दिव्य कला है। उन्होंने कहा कि जब प्रभु गोपियों के घर-घर जाकर माखन चुराते हैं तो वह प्रेम, समर्पण और निष्कलंक भक्ति का संदेश देते हैं। इसी प्रेम ने पूरे ब्रज को आनंद और उत्साह से भर दिया था।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीलाएं और गोपियों के साथ उनके स्नेह का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा स्थल “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर नृत्य और कीर्तन करते नजर आए। विशेष रूप से गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
इस अवसर पर सजी भव्य छप्पन भोग की झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। विभिन्न प्रकार के पकवानों और प्रसाद से सुसज्जित झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। वातावरण में भजन, संगीत और शंखनाद से एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति व्याप्त रही।
कार्यक्रम में गणेश रावत, राजेश जुगलान, कमल कुमार, पदमा नैथानी, कमला नेगी, कमलेश भंडारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि कथा का समापन हवन और भंडारे के साथ किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रवासियों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। पूरे आयोजन ने डोईवाला क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया और श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक उल्लास की नई ऊर्जा का संचार किया।
