देहरादून में ‘उत्तराखण्ड विजन 2047’ पर जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित

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देहरादून : उत्तराखण्ड विजन 2047 विषय पर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जनपद के समस्त जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं सभी खण्ड विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों, सतत् विकास सूचकांकों तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अधिकारियों को विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।

कार्यशाला का शुभारम्भ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरि द्वारा किया गया। इसके पश्चात सेतु आयोग, उत्तराखण्ड शासन के निदेशक डॉ. मनोज पंत ने सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) के 17 लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2023-24 की सतत् विकास लक्ष्य रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने केरल के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस स्थान को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ लगातार मेहनत करनी होगी।कार्यशाला में नियोजन विभाग, देहरादून के सीपीपीजीजी से आए विशेषज्ञ शैलेन्द्र कुमार ने SDG Data Eco System & Monitoring विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने SDG पोर्टल के माध्यम से बताया कि वर्ष 2024-25 में जनपद देहरादून ने राज्य स्तर पर सातवां स्थान प्राप्त किया है और आगामी वर्षों में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए विभागों को और अधिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने Low Hanging संकेतकों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जिन विभागों की प्रगति मानकों से कम है, उन्हें अपने डेटा मैकेनिज्म में सुधार कर रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से इन संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ सुश्री कस्तूरी ने उत्तराखण्ड विजन 2047 पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विजन 2047 के अंतर्गत पांच प्रमुख लक्ष्यों के माध्यम से वर्ष 2047 तक उत्तराखण्ड को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में विभिन्न संकेतकों पर कार्य किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरि और अपर सांख्यिकीय अधिकारी धीरज गुप्ता ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यशाला का समापन किया।

इस अवसर पर नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उरेडा, सहायक निदेशक दुग्ध सहित जनपद के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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